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Panchak

ज्योतिष में पंचक Panchak चंद्रमा के कुंभ और मीन राशि में गोचर करने के दौरान आने वाले पांच विशेष नक्षत्रों (धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती) की अवधि को कहा जाता है। यह समय लगभग 5 दिनों का होता है।

पंचक के प्रकार (वार के अनुसार)
रोग पंचक: रविवार से शुरू होने पर।
राज पंचक: सोमवार से शुरू होने पर।
अग्नि पंचक: मंगलवार से शुरू होने पर।
चोर पंचक: शुक्रवार से शुरू होने पर।
मृत्यु पंचक: शनिवार से शुरू होने पर।
सामान्य पंचक: बुधवार या गुरुवार से शुरू होने वाले पंचक को दोषमुक्त और सौम्य माना जाता है।

वर्जित कार्य (क्या न करें)
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचक काल में ये कार्य नहीं करने चाहिए:
श्मशान में शव का दाह-संस्कार (विशेष शांति उपाय किए जाते हैं)।
लकड़ी या ईंधन इकट्ठा करना।
चारपाई या पलंग बनवाना या खरीदना।
घर की छत डलवाना।
दक्षिण दिशा में यात्रा करना।

आप BhagyaNiti.com पर आगामी पंचक की तिथियों की विस्तृत जानकारी देख सकते हैं।
यदि आप आने वाले महीनों के पंचक की तिथियां और समय जानना चाहते हैं, तो कृपया वर्ष और महीने का नाम बताएं।

Chandra Grahan 2026 : रक्षाबंधन पर लगेगा वर्ष 2026 का अंतिम चंद्रग्रहण

इस ग्रहण को लेकर आपके मन में कई सवाल होंगे की क्या इसका प्रभाव रक्षाबंधन के पर्व पर तो नहीं होगा। साथ ही यह ग्रहण कहां-कहां दिखाई देगा और चंद्रग्रहण का सूतक काल किस समय से आरंभ होगा। आइए जानते हैं चंद्रग्रहण की तारीख, ग्रहण का समय और सूतक काल कब से आरंभ होगा साथ ही जानें कहां-कहां दिखाई देगा।

आचार्य अनिल जी अपने इस आलेख में आपको एक महत्वपूर्ण जानकारी दे रहे है कि वर्ष 2026 का अंतिम चंद्रग्रहण शुक्रवार, 28 अगस्त को लगेगा। हालांकि यह पूर्ण न होकर आंशिक चंद्रग्रहण (Partial Lunar Eclipse) होगा। इस बार रक्षाबंधन के अवसर पर ग्रहण लगने जा रहा है। 

आइए आचार्य अनिल जी से विस्तार से जानते है-

वर्ष 2026 का अंतिम चंद्रग्रहण रक्षाबंधन पर लगने जा रहा है। यह श्रावण पूर्णिमा तिथि (शुक्रवार, 28 अगस्त 2026) को लगेगा। 

चंद्रग्रहण का समय

चंद्रग्रहण का आरंभ 28 अगस्त को सुबह में 8 बजकर 4 मिनट पर (भारतीय समय अनुसार)

चंद्रग्रहण का मध्य 28 अगस्त को सुबह में में 9 बजकर 43 मिनट पर

चंद्रग्रहण समाप्त सुबह में 11 बजकर 22 मिनट पर

आचार्य अनिल जी आगे बताते है कि जिस समय आंशिक चंद्रग्रहण आरंभ होगा उस समय तक भारत में चंद्रमा अस्त हो चुका होगा। इसलिए इसका प्रभाव भी भारत पर नहीं होगा। 

चंद्रग्रहण का सूतक काल ग्रहण आरंभ होने से 9 घंटे पहले लग जाता है। ऐसे में भारतीय समय अनुसार, चंद्रग्रहण का सूतक काल 27 अगस्त को रात में 11 बजकर 4 मिनट से ही आरंभ हो जाएगा। भारत में इस ग्रहण का सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। इसलिए पूजा पाठ और बाकी मंगलिक कार्यों पर किसी तरह की कोई रोक टोक नहीं होगी।

क्या भारत में दिखाई देगा यह चंद्रग्रहण : यह खंडग्रास चंद्रग्रहण होगा अर्थात आंशिक चंद्रग्रहण होगा। भारत में यह चंद्रग्रहण अदृश्य होगा। न ही इसका कोई प्रभाव रहेगा। जबकि यह चंद्रग्रहण भारत में अदृश्य है तो इसका सूतक काल भी भारत में नहीं माना जाएगा।

कहाँ कहाँ दिखाई देगा चंद्रग्रहण : यह खण्डग्रास चन्द्रग्रहण दक्षिणी-पश्चिमी एशिया (पाकिस्तान, अफगानिस्तान के दक्षिणी क्षेत्र सहित, ईरान, ईराक, सऊदी अरब, शारजाह आदि), अफ्रीका, अधिकतर यूरोप, अधिकतर उत्तर दक्षिणी अमरीका, हिन्द-प्रशान्त महासागर में दृश्य होगा। भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा और न ही इसका कोई प्रभाव होगा।

चंद्रग्रहण के दौरान क्या करें

  • चंद्रग्रहण के दौरान अपने इष्ट, ईश्वर का ध्यान करना चाहिए।
  • जिन्होंने गुरु धारण किए हुए है, उन्हें गुरु मंत्र जप करना चाहिए।
  • गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र या नवग्रह मंत्रों का जप कर सकते हैं।
  • चंद्रग्रहण के दौरान यात्रा आदि न करके घर पर रहकर शांति से ध्यान आदि करते रहें।
  • चंद्रग्रहण के दौरान खान पीना नहीं चाहिए हालांकि, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्गों स्वास्थ्य अनुसार, खानपान कर सकते हैं। लेकिन, ऐसे में ग्रहण आरंभ होने से पहले ही खाने में तुलसी के पत्ते या दूर्वा जरुर रख दें।

इस बात का ख्याल रखें कि चंद्रग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान, दान और पुण्य कार्य जरुर करें।

आपकी जन्मकुंडली या आपकी राशि पर चंद्र ग्रहण का क्या शुभ अशुभ प्रभाव रहेगा? विस्तार से जानने के लिए परामर्श लें। Book your Appointment Now !

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